iPhone 18 Pro की शुरुआती क़ीमत iPhone 17 Pro से सिर्फ़ $100 ज़्यादा है, और Nikkei Asia के अनुसार इसी वजह से Apple ने अक्टूबर के लिए सप्लायरों के पुर्ज़ों के ऑर्डर 15-20% घटवा दिए। जड़ में मेमोरी चिप की कमी है: AI डेटा सेंटरों की मांग से फ़ोन की रैम और स्टोरेज महंगी हुई है, और स्मार्टफोन की क़ीमत उसी के साथ चढ़ रही है। Apple ने पुष्टि नहीं की है।

ज़्यादातर ख़बरें Apple पर टिकी हैं। हमने भारत के आँकड़े साथ रखे हैं, क्योंकि यहाँ झटका $1,199 वाले फ़ोन पर कम और $100 से सस्ते फ़ोन पर ज़्यादा पड़ा है: IDC के अनुसार भारत में इस श्रेणी की शिपमेंट 2026 की दूसरी तिमाही में 74.3% गिर गई।

Apple की रिपोर्ट में असल में क्या कहा गया है

Nikkei Asia का एक्सक्लूसिव 9 अक्टूबर 2026 को छपा। इसके मुताबिक Apple ने कुछ सप्लायरों से iPhone 18 Pro और 18 Pro Max के पुर्ज़ों का उत्पादन घटाने को कहा है। अक्टूबर के ऑर्डर शुरुआती मांग से कम से कम 15% नीचे हैं। एक कार्यकारी-स्तर के सूत्र ने Nikkei से 15-20% की बात कही।

Fortune के अनुसार यह कटौती सभी सप्लायरों पर एक जैसी नहीं है, क्योंकि असर उनके लीड टाइम पर निर्भर करता है। iPhone 18 Pro की क़ीमत $1,199 और Pro Max की $1,299 है, यानी दोनों पिछले मॉडल से $100 ऊपर। Apple ने इन्हें 9 सितंबर को पेश किया और बिक्री 18 सितंबर से शुरू हुई।

एक दूसरा कारण भी है। इस बार Apple ने सिर्फ़ प्रीमियम मॉडल उतारे; सामान्य iPhone 18 वसंत 2027 में आने की उम्मीद है। Nikkei के सूत्र कहते हैं कि सिर्फ़ यह बँटा हुआ लॉन्च कमज़ोर मांग की पूरी वजह नहीं है। Apple ने Fortune को तुरंत जवाब नहीं दिया।

पहले और अब: फ़ोन की क़ीमत और बाज़ार की तस्वीर

एक साल में तस्वीर कितनी बदली, यह नीचे की तालिका में है। iPhone की क़ीमतें अमेरिका की शुरुआती क़ीमतें हैं। बाक़ी आँकड़े भारत के हैं और IDC के अनुसार 2025 व 2026 की दूसरी तिमाही की तुलना दिखाते हैं।

पैमानापहले (2025)अब (2026)
iPhone Pro की शुरुआती क़ीमत (अमेरिका)$1,099 (iPhone 17 Pro)$1,199 (iPhone 18 Pro)
iPhone Pro Max की शुरुआती क़ीमत (अमेरिका)$1,199$1,299
भारत: $100 से सस्ते फ़ोन का हिस्सा15.6%4.5%
भारत: $400-600 वाले फ़ोन का हिस्सा4.8%8.6%
भारत: ऑनलाइन चैनल का हिस्सा46.4%41.9%

गणित सीधा है: $100 की बढ़ोतरी $1,099 पर लगभग 9.1% और $1,199 पर लगभग 8.3% बैठती है। IDC के अनुसार दुनिया भर में औसत बिक्री मूल्य (ASP) 2026 में 27.6% बढ़कर $581 पहुंचने का अनुमान है। यानी Apple की बढ़ोतरी औसत से काफ़ी छोटी है, और असली मार उन फ़ोनों पर है जिनके पास झेलने की गुंजाइश कम है।

पिछले साल इसी तिमाही में ब्रांड और ई-कॉमर्स साइटें त्योहार से पहले ही छूट शुरू कर देती थीं। इस बार IDC के अनुसार दोनों ने वह रास्ता छोड़ दिया, इसलिए ऑनलाइन बिक्री 19.8% गिरी जबकि ऑफ़लाइन सिर्फ़ 3.6% घटी।

AI डेटा सेंटर और आपके फ़ोन की रैम का रिश्ता

Reuters के अनुसार टेक कंपनियां AI डेटा सेंटर चलाने के लिए उन्नत चिप-निर्माण क्षमता और मेमोरी चिप बड़े पैमाने पर खरीद रही हैं, जिससे कमी और क़ीमतों में उछाल आया है। फ़ोन की रैम (DRAM) और स्टोरेज चिप (NAND) की लागत दोनों चढ़ी हैं।

आटा चक्की का उदाहरण लें: कोई बड़ा ग्राहक पूरा गेहूं खरीद ले, तो मोहल्ले के छोटे दुकानदार को कम माल और ऊंचे भाव मिलते हैं। यहां AI कंपनियां वही बड़ा ग्राहक हैं और फ़ोन कंपनियां छोटे दुकानदार।

  • J.P. Morgan Global Research का अनुमान है कि DRAM की क़ीमतें 2024 की शुरुआत से 2026 के अंत तक 400% से ज़्यादा बढ़ेंगी।
  • IDC के अनुसार NAND और DRAM की लागत साल-दर-साल 300% से ऊपर है और 2028 तक बढ़ती रहने की उम्मीद है।
  • Counterpoint के अनुसार मेमोरी की क़ीमतें सितंबर 2025 से लगभग चार गुना हो चुकी हैं।
  • Fortune के अनुसार Tim Cook ने जुलाई 2026 की आख़िरी कमाई-कॉल में मेमोरी की क़ीमतों को सौ साल में एक बार आने वाली बाढ़ कहा।

भारत में भी डेटा सेंटर तेज़ी से बन रहे हैं; Microsoft के हैदराबाद Data Center पर हम पहले लिख चुके हैं।

भारत के लिए मतलब: सबसे सस्ता फ़ोन सबसे पहले ग़ायब

IDC के अनुसार 2026 की दूसरी तिमाही में भारत में 33.2 मिलियन फ़ोन बिके, जो साल-दर-साल 11.1% कम है। औसत क़ीमत रिकॉर्ड $315 रही, यानी 14.4% ऊपर।

सबसे बड़ी गिरावट $100 से सस्ते फ़ोनों में आई। इनकी शिपमेंट 74.3% घटी और बाज़ार में हिस्सा 15.6% से 4.5% रह गया। कई ब्रांडों ने 5G मॉडल महंगे होने पर 4G फ़ोन वापस उतारे, जिससे 4G का हिस्सा 11.1% हुआ। IDC इसे अस्थायी सहारा बताता है।

  • IDC को 2026 में भारत में 128-130 मिलियन फ़ोन बिकने की उम्मीद है; 2025 में यह संख्या 152 मिलियन थी।
  • IDC का अनुमान है कि दूसरी छमाही में शिपमेंट 15% से ज़्यादा गिरेगी।

152 से 128-130 मिलियन का मतलब 22 से 24 मिलियन कम फ़ोन, यानी 14-16% की गिरावट। लगभग हर छह-सात में से एक फ़ोन, जो पिछले साल बिका था, इस साल बाज़ार से ग़ायब रहेगा। IDC की विश्लेषक Upasana Joshi के अनुसार मांग ख़त्म नहीं हुई, लोग बस ख़रीद टाल रहे हैं, और जो अपग्रेड सोच रहे हैं वे क़ीमतें और चढ़ने से पहले खरीद सकते हैं।

घरेलू चिप योजना से राहत की उम्मीद स्वाभाविक है, पर सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की पहली Fab अभी दूर है, और Tata के Dholera चिप प्रोजेक्ट भी अभी निर्माण के रास्ते पर है। यह हमारा आकलन है कि इस त्योहारी सीज़न की क़ीमतों पर इनका असर नहीं दिखेगा।

कटौती कितनी लंबी चलेगी, यह अभी साफ़ नहीं

Fortune के अनुसार यह अभी तय नहीं है कि Apple नवंबर से ऑर्डर में और बदलाव करेगा या नहीं। रिपोर्ट सिर्फ़ अक्टूबर के पुर्ज़ों की बात करती है, और सप्लायरों के नाम सामने नहीं आए हैं।

दूसरी अनिश्चितता मांग की है। सप्लायर क़ीमत को कारण बताते हैं, पर बँटे हुए लॉन्च की भूमिका कितनी है, यह साफ़ नहीं। Nikkei के अनुसार ऊंची क़ीमत के कारण कम यूनिट बिकने पर भी Apple की कमाई तुरंत नहीं घटेगी।

तीसरी बात आपूर्ति की है। IDC को उम्मीद है कि मेमोरी की सप्लाई 2028 में स्थिर होगी, तब तक क़ीमतें बढ़ने का अनुमान है। यानी निकट भविष्य में राहत का कोई ठोस संकेत नहीं है।

आगे क्या देखें

23 अक्टूबर को $2,000 वाले iPhone Duo की बिक्री शुरू होगी। Fortune के अनुसार Nikkei के एक सूत्र को आशंका है कि उस पर भी ऐसी ही कटौती आ सकती है। अगर Apple के सबसे महंगे फ़ोन पर भी मांग ठंडी रही, तो क़ीमत की सीमा का सवाल और गहरा होगा।

भारत में अगली तिमाही के IDC आँकड़ों में तीन चीज़ें देखने लायक हैं: 4G का सहारा टिकता है या नहीं, फ़ाइनेंसिंग और EMI ऑफ़र ऑनलाइन छूट की जगह कितना लेते हैं, और $400-600 वाली श्रेणी की रफ़्तार त्योहार के बाद बनी रहती है या नहीं।

कुछ साल पहले फ़ोन के भाव कैमरे और प्रोसेसर से तय होते थे। इस साल वही भाव उस मेमोरी चिप से तय हो रहे हैं, जिसका ज़िक्र स्पेसिफ़िकेशन शीट में सबसे आख़िर में आता है।

स्रोत: Nikkei Asia, IDC, Reuters, Fortune, J.P. Morgan Global Research, Counterpoint