क्या भारत में रोशनी के कणों (photons) से चलने वाला क्वांटम कंप्यूटर बन सकता है? Quanfluence का photonic quantum computer इसी दांव पर टिका है: बेंगलुरु की इस कंपनी ने 7 अक्टूबर 2026 को $10 मिलियन जुटाने की घोषणा की। कंपनी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार शुरुआती processor का लक्ष्य 2027 और बड़ी, scalable मशीनों का लक्ष्य 2029 है। यानी पैसा आ गया है, मशीन अभी बननी है।
कई रिपोर्टें सिर्फ रकम और 2029 की तारीख़ दोहरा रही हैं। यहां हम तीन चीज़ें अलग रखते हैं: आज कंपनी के पास बिकने वाला क्या है, आगे का वादा क्या है, और भारत के बाकी quantum startups की रकम के सामने यह सौदा कहां बैठता है।
$10 मिलियन का सौदा: किसने लगाया और किसलिए
कंपनी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह round Chiratae Ventures ने लीड किया। Pi Ventures, जिसने 2024 में seed round की अगुवाई की थी, दोबारा जुड़ा। Rainmatter by Zerodha भी शामिल है। Quantum Computing Report ने इसे Series A कहा है, पर विज्ञप्ति में round का नाम नहीं दिया गया।
- नई रकम: $10 मिलियन, घोषणा 7 अक्टूबर 2026
- पिछला round: $2 मिलियन का seed, दिसंबर 2024, Pi Ventures की अगुवाई में (Analytics India Magazine)
- पिछले seed से रकम 5 गुना
YourStory ने Sunfox Technologies के $7 मिलियन को करीब ₹67 करोड़ लिखा है। उसी दर से $10 मिलियन करीब ₹96 करोड़ बैठता है। यह पैसा full-stack मशीन पर लगेगा, यानी कंपनी के अपने photonic chip, control electronics और software एक ही system में जुड़ेंगे।
रोशनी से qubit कैसे बनता है
कई quantum chips में qubit किसी अति-ठंडे सर्किट में बनता है। Photonic तरीके में qubit प्रकाश के एक कण, यानी photon, की अवस्था होता है। यह photon chip पर उकेरे गए बारीक रास्तों (waveguide) में चलता है और जोड़ों पर दिशा बदलता है।
रोज़ की एक मिसाल लें। चौराहे पर एक राही खड़ा है जो तब तक दोनों सड़कों पर एक साथ चल रहा है, जब तक कोई उसे देख न ले। दो रास्तों वाले जोड़ पर photon की superposition कुछ ऐसी ही होती है। यह हमारा बनाया सरल उदाहरण है, असल भौतिकी का गणित कहीं कठिन है।
Quantum Computing Report (दिसंबर 2024) के अनुसार कंपनी room-temperature photonic मशीनों पर काम कर रही है। Chiratae के Venkatesh Peddi इसे उन रास्तों में गिनते हैं जो lab के बाहर scale हो सकते हैं। दूसरे तरीके की कहानी, यानी silicon chip वाले qubit, हम पहले समझा चुके हैं।
आज बिकता क्या है, और सिर्फ वादा क्या है
कंपनी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उसकी photonic Ising machine अब product बन चुकी है और कुछ quantum devices commercially उपलब्ध हैं। Ising machine optimisation की समस्याओं के लिए बनी specialised मशीन है, आम quantum कंप्यूटर नहीं। कंपनी की वेबसाइट पर homodyne detector, single photon detector और QRNG जैसे उत्पाद भी सूचीबद्ध हैं।
| चीज़ | स्थिति | किसके अनुसार |
|---|---|---|
| Photonic Ising machine | बिक्री योग्य उत्पाद | कंपनी की विज्ञप्ति |
| 128 variables वाला सिस्टम | दिसंबर 2024 में चुनिंदा ग्राहकों के साथ pilot | Analytics India Magazine |
| Photonic व electronic IC, chip-fibre coupling, quantum light states | डिज़ाइन या प्रदर्शन हो चुका | कंपनी की विज्ञप्ति |
| 4 qubit का computer | निकट भविष्य का लक्ष्य | NewsBytes |
| शुरुआती processor | 2027 का लक्ष्य | कंपनी की विज्ञप्ति |
| बड़ी scalable मशीन | 2029 का लक्ष्य, लगभग 100 qubit का prototype | विज्ञप्ति; qubit की गिनती NewsBytes |
Rainmatter के Abhinav Singh Negi के अनुसार कंपनी लंबे hardware जोखिम को छोटे समय की आमदनी से संभाल रही है। यानी Ising machine आज का कारोबार है और quantum computer आने वाले सालों का वादा।
इतना पैसा अभी क्यों: भारत का क्वांटम माहौल
YourStory के अनुसार 2023 में मंज़ूर ₹6,003.65 करोड़ का National Quantum Mission computing, communication, sensing और materials को कवर करता है, और चार thematic hub व infrastructure बन रहे हैं। निजी पैसा भी अब इसी रास्ते पर दिख रहा है।
- Quanfluence: $10 मिलियन, अक्टूबर 2026
- QpiAI: $32 मिलियन जुलाई 2025 में, हाल ही में ₹50 करोड़ का debt financing
- QNu Labs: ₹200 करोड़, सितंबर 2026, quantum-safe cybersecurity के लिए
- National Quantum Mission: ₹6,003.65 करोड़, 2023 में मंज़ूर
इसी दौर में Amaravati में IBM के quantum computer की खबर भी आई, जो एक अलग रास्ता है। Quanfluence की ताकत उसकी टीम का रिकॉर्ड भी है: विज्ञप्ति के अनुसार तीन founders ने पहले Silicon and Beyond बनाई, जिसे Synopsys ने खरीदा। संस्थापकों में IIT Madras के Prof. Anil Prabhakar और IISER Mohali के Prof. Sandeep Goyal भी हैं।
भारत के लिए मतलब: मौका भी, कसौटी भी
Rainmatter के अनुसार भारत दशकों तक बाहर बनी deep technology का बड़ा उपभोक्ता रहा है और ऐसे दांव उसे निर्माता बनाने की ओर ले जाते हैं। Quanfluence IIT Madras Incubation Cell में पली कंपनी है; उसी परिसर के निवेश की कहानी हमने IIT Madras के Fund पर लिखी है।
हमारा अंदाज़ा है कि $10 मिलियन एक hardware कंपनी के लिए संतुलित मगर तंग रकम है, क्योंकि chip, electronics और software तीनों पर साथ खर्च होना है। QpiAI के जुलाई 2025 वाले $32 मिलियन के सामने यह लगभग एक तिहाई है।
YourStory के अनुसार photonic computing में optical loss और बड़ी संख्या में high-performance पुर्ज़े बनाना सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। रोशनी जितने ज़्यादा हिस्सों से गुज़रेगी, उसका कुछ अंश खोने का खतरा उतना बढ़ेगा।
जो अभी पता नहीं
100 qubit का prototype और fault-tolerant मशीन एक चीज़ नहीं हैं। Error सुधारने के लिए एक भरोसेमंद logical qubit के पीछे आमतौर पर कई physical qubit लगते हैं। इसलिए 2029 की तारीख़ को वादे की तरह पढ़ना ठीक है, नतीजे की तरह नहीं। इस घोषणा के साथ ये बातें साफ़ नहीं हुई हैं:
- 2027 के processor में कितने qubit होंगे
- qubit की गुणवत्ता और error दर कितनी होगी
- 4 qubit वाला पहला system किस तारीख़ तक आएगा
- 2029 के लिए fault-tolerant शब्द सिर्फ Quantum Computing Report में है; कंपनी की विज्ञप्ति में scalable शब्द है
आगे किन बातों पर नज़र रहे
तीन चीज़ें इस कहानी की दिशा तय करेंगी, और इनमें से दो की तारीख़ें कंपनी खुद बता चुकी है।
- 2027 के शुरुआती processor की घोषणा, उसके qubit और error के आँकड़ों के साथ
- 4 qubit वाले system का पहला सार्वजनिक प्रदर्शन
- 2029 की scalable मशीन की प्रगति
फिलहाल तस्वीर सीधी है। निवेशकों ने photonic रास्ते पर दांव लगाया है, और टीम को अपना वादा chip से पूरी मशीन तक पहुंचाना है। बिकने वाली Ising machine उसे समय देती है। असली जवाब 2027 की पहली मशीन देगी।
स्रोत: Quanfluence प्रेस विज्ञप्ति, YourStory, Quantum Computing Report, The Quantum Insider, Analytics India Magazine, NewsBytes