बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को दक्षिण कोरिया के Naro Space Center से Nuri रॉकेट ने दोपहर 12:25 बजे (कोरियाई समय; भारत में सुबह 8:55) उड़ान भरी और 15 में से 14 satellite कक्षा में पहुंचा दिए। पहले संकेतों में सब ठीक दिखा, पर बाद की जांच में पता चला कि एक CubeSat रॉकेट से अलग ही नहीं हुआ।
तो क्या Nuri रॉकेट, ISRO के PSLV से बराबरी कर रहा है? गिनती में नहीं: PSLV 2017 में एक ही उड़ान में 104 satellite छोड़ चुका है। फर्क कहीं और है, और वही इस तुलना का असली मुद्दा है।
नीचे हम गिनती से आगे जाते हैं: दोनों उड़ानों में प्रति satellite औसत वज़न, कक्षा और payload का स्वभाव कितना अलग था, और भारत के छोटे-satellite बाज़ार के लिए इसका क्या मतलब निकलता है।
उड़ान के 20 मिनट: पांचवीं उड़ान में क्या-क्या हुआ
Korea Times की रिपोर्ट के अनुसार रॉकेट 12:25 बजे पैड से उठा और करीब 12:45 बजे उड़ान पूरी हुई। पहला चरण लगभग 2 मिनट बाद और दूसरा लगभग साढ़े चार मिनट बाद अलग हुआ। असली परीक्षा उसके बाद शुरू हुई।
- उड़ान के करीब 810 सेकंड बाद पहला NEONSAT छूटा, फिर हर 35-40 सेकंड पर एक और (Korea Times)।
- Korea Times के अनुसार satellite छोड़ने के बीच रॉकेट ने टकराव से बचने के maneuver भी किए।
- सभी satellite 570 km की ऊंचाई पर छोड़े गए; सफलता की कसौटी इस ऊंचाई से ±15 km की थी (Korea JoongAng Daily)।
- पांचों NEONSAT ने कोरियाई समय शाम 5:52 बजे तक अंटार्कटिका के King Sejong Station से पहला संपर्क बना लिया (Korea Herald)।
- Quaternion का CubeSat PERSAT02 रॉकेट से अलग नहीं हुआ (Korea Times)।
कक्षा में एक साथ 15 चीज़ें छोड़ना तभी सुरक्षित है, जब उनके बीच दूरी बनी रहे। यही चिंता ISRO के अंतरिक्ष कचरे से टकराव बचाने के तरीकों में भी दिखती है।
आमने-सामने: Nuri की पांचवीं उड़ान और PSLV-C37
| पैमाना | Nuri (7 अक्टूबर 2026) | PSLV-C37 (15 फरवरी 2017) |
|---|---|---|
| रॉकेट | 3 चरण, 47.2 m ऊंचा, 200 टन | 4 चरण, मानक रूप में 44 m ऊंचा, 295 टन (XL में और ज़्यादा) |
| satellite | 15 (14 छूटे) | 104 |
| कुल वज़न | करीब 1,071 kg | 1,378 kg |
| औसत वज़न (कुल ÷ संख्या) | करीब 71 kg | करीब 13 kg |
| मुख्य payload | 5 NEONSAT, हर एक 100 kg से कम | Cartosat-2D, 714 kg |
| कक्षा | 570 km | 506 km, Sun Synchronous, 97.46° झुकाव |
| समय | करीब 20 मिनट की पूरी उड़ान | कक्षा तक 16 मिनट 48 सेकंड, अलगाव में 12 मिनट (कुल करीब 29 मिनट) |
Nuri की उड़ान और वज़न के आंकड़े Korea Times में KASA के हवाले से हैं, रॉकेट का आकार NASASpaceflight में KARI के विवरण से, और PSLV-C37 के आंकड़े ISRO की प्रेस विज्ञप्ति से। औसत वज़न में CubeSat भी गिने गए हैं, इसलिए वह मोटा अंदाज़ देता है, सटीक माप नहीं। दोनों उड़ानें सुबह की थीं: PSLV-C37 श्रीहरिकोटा से 9:28 बजे (IST) उठा था और Nuri 8:55 बजे (IST) के आसपास।
गिनती का फर्क: 104 बनाम 15 में असली बात क्या है
ISRO के अनुसार PSLV-C37 के 104 satellite तीन तरह के थे:
- 1 मुख्य satellite: 714 kg का Cartosat-2D
- 101 विदेशी ग्राहकों के नैनो-satellite, जिनमें 96 अमेरिका के थे
- 2 ISRO के तकनीक-परीक्षण वाले नैनो-satellite, 8.4 kg और 9.7 kg के
यानी 104 की गिनती ज़्यादातर छोटे सह-यात्रियों से बनी थी। Nuri के साथ तस्वीर उलटी है: पांचों NEONSAT एक ही काम के लिए बने लगभग एक जैसे satellite हैं और पांचों ही मुख्य payload थे। KASA के अनुसार कोरिया में पहली बार एक साथ पांच मुख्य satellite छोड़े गए।
KAIST की देखरेख में बना हर NEONSAT 1 m (श्वेत-श्याम) और 4 m (रंगीन) रिज़ॉल्यूशन की तस्वीर ले सकता है। 2027 की छठी उड़ान से पांच और जुड़ेंगे, तब 10 satellite कोरियाई प्रायद्वीप को रोज़ कम से कम 3 बार देखेंगे (Korea Times)।
रोज़मर्रा की भाषा में: PSLV-C37 एक ट्रक था, जिसमें एक बड़ा पार्सल और सौ से ज़्यादा छोटे डिब्बे थे। Nuri ने पांच एक जैसे बक्से तय क्रम में उतारे। पहले में औसत वज़न घरेलू सिलेंडर की 14.2 kg गैस के आसपास बैठता है, दूसरे में एक वयस्क इंसान के वज़न के आसपास।
भारत के संदर्भ में
PSLV का 104 वाला रिकॉर्ड भारत की साख बनाता है, पर वह 2017 का है और ज़्यादातर विदेशी नैनो-satellite के दम पर बना था। हमें लगता है कि अगली होड़ संख्या की नहीं, एक जैसे कई satellite को तय कक्षा में तय समय पर पहुंचाने की है।
छोटे और बार-बार होने वाले launch के लिए भारत में दो रास्ते दिखते हैं: ISRO का SSLV, जिसकी क्षमता बढ़ाई जा रही है, और निजी कंपनियां, जैसा Vikram-I का निजी ऑर्बिटल launch दिखाता है।
कसौटी नियमितता की भी है। Nuri की पांच उड़ानें 21 अक्टूबर 2021 से 7 अक्टूबर 2026 के बीच हुईं, यानी औसतन साल में एक। भारत की हर हफ्ते Rocket भेजने की चाह इससे कहीं ऊंची बारंबारता मांगती है, और constellation जैसे ग्राहक यही भरोसा देखते हैं।
किन सवालों के जवाब बाकी हैं
- PERSAT02 क्यों अलग नहीं हुआ: Korea Times की रिपोर्ट में कारण नहीं बताया गया है, KASA की जांच का नतीजा आना बाकी है।
- भरोसेमंदी: KASA के अनुसार 5 उड़ानों में 4 सफल हैं, यानी 80%। इतने छोटे नमूने की तुलना PSLV जैसे लंबे रिकॉर्ड से सीधे नहीं हो सकती।
- क्षमता: Nuri की payload क्षमता स्रोतों में 1.5 से 1.9 टन (700 km कक्षा) मिलती है, जबकि PSLV की 1,750 kg (600 km) है। ऊंचाई अलग है, इसलिए सीधा मिलान भ्रामक होगा।
- व्यावसायिक सेवा: Korea JoongAng Daily के अनुसार KASA ने Hanwha से उत्पादन और संचालन को ज़्यादा कुशल बनाने को कहा है।
आगे क्या देखें
- Nuri की छठी उड़ान, जो 2027 के लिए योजना में है और जिसमें पांच और NEONSAT जाने हैं। तारीख अभी तय नहीं है।
- NEONSAT constellation का 10 satellite तक पहुंचना, जिसके बाद कोरियाई प्रायद्वीप की तस्वीरें दिन में कम से कम 3 बार मिलेंगी (Korea Times)।
- PERSAT02 की जांच पर KASA का निष्कर्ष।
15 बनाम 104 की बहस में कोई जीतता नहीं। PSLV ने 2017 में दिखाया कि एक रॉकेट कितने satellite ले जा सकता है, और Nuri ने इस हफ्ते दिखाया कि एक जैसे कई satellite को क्रम से छोड़ना कितना बारीक काम है। भारत के छोटे-satellite बाज़ार को दोनों हुनर चाहिए।
स्रोत: ISRO, KASA, Korea Times, Korea Herald, Korea JoongAng Daily, NASASpaceflight