Jio Platforms का IPO ₹30,213 करोड़ का है, और इस रक़म के बदले कंपनी का सिर्फ़ करीब 2.9% हिस्सा बिक रहा है। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO है, पर पिछले रिकॉर्डधारी Hyundai Motor India से इसका ढांचा बिल्कुल उलटा है: तब पूरा पैसा बेचने वाले को गया था, इस बार पूरा पैसा कंपनी को जाएगा। बोली 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक खुली है।
ज़्यादातर रिपोर्टें क़ीमत और तारीख़ों पर रुकती हैं। हमने पुराने रिकॉर्ड से सीधी तुलना, पैसे के इस्तेमाल का हिसाब और कंपनी की तीन साल की तस्वीर साथ रखी है। यह निवेश की सलाह नहीं है।
पहले: रिकॉर्ड का मतलब था मालिक का हिस्सा बेचना
Business Standard के अनुसार Hyundai Motor India का 2024 का ₹27,870.16 करोड़ का IPO पूरी तरह बिक्री-प्रस्ताव (OFS) था। Hyundai Motor Company ने 17.5% हिस्सा बेचा और पैसा बेचने वालों को गया, कंपनी को नहीं।
Jio का IPO इसके उलट पूरी तरह नए शेयरों का है। Kotak Neo के अनुसार इससे इसका आकार Hyundai से ₹2,343 करोड़ बड़ा हो जाता है। नीचे की तालिका में दोनों की तुलना है।
| पैमाना | पहले: Hyundai Motor India (2024) | अब: Jio Platforms (2026) |
|---|---|---|
| इश्यू का आकार | ₹27,870 करोड़ | ₹30,213 करोड़ तक |
| प्रकार | पूरा बिक्री-प्रस्ताव (OFS) | पूरा नए शेयरों का इश्यू |
| बिकने वाला हिस्सा | 17.5% | करीब 2.9% (हमारा हिसाब) |
| पैसा किसे मिलेगा | बेचने वाले शेयरधारक को | कंपनी को |
| एंकर निवेशकों से | ₹8,315 करोड़ (225 निवेशक) | ₹8,110 करोड़ (212 निवेशक) |
| एक लॉट की न्यूनतम रक़म | ₹13,720 | ₹13,428 (ऊपरी भाव पर) |
हिस्सेदारी का हिसाब सीधा है: RHP के अनुसार 27 करोड़ नए शेयर बन रहे हैं और इश्यू के बाद कुल 9,20,90,30,830 शेयर, यानी लगभग 920.9 करोड़, होंगे। 27 ÷ 920.9 करने पर 2.93% आता है। Hyundai में यह हिस्सा 17.5% था।
अब: कंपनी पहले से कहाँ पहुंची है
Paytm Money द्वारा RHP से संकलित आँकड़ों के अनुसार Jio Platforms की सहायक Reliance Jio Infocomm के 30 जून 2026 को 53.33 करोड़ ग्राहक थे। कंपनी और उसकी सहायक इकाइयों ने 7,220 पेटेंट आवेदन किए हैं, जिनमें 1,043 मंज़ूर हुए हैं।
- कमाई: FY2024 में ₹1,09,558 करोड़ से FY2026 में ₹1,46,885 करोड़, यानी करीब 34% ज़्यादा।
- शुद्ध मुनाफ़ा (PAT): ₹21,423 करोड़ से ₹30,049 करोड़, यानी करीब 40% ज़्यादा।
- EBITDA मार्जिन: 50.16% से 51.91%।
- कुल उधारी: FY2025 के ₹73,060 करोड़ से घटकर FY2026 में ₹70,781 करोड़।
कंपनी द्वारा कराई गई Analysys Mason की रिपोर्ट के अनुसार, जो RHP का हिस्सा है, भारत में जून 2026 तक 128.2 करोड़ से ज़्यादा मोबाइल ग्राहक थे। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में हर ग्राहक का औसत मासिक डेटा इस्तेमाल 26.7 GB था, जो FY2031 तक 59 GB से ऊपर जाने का अनुमान है। यह अनुमान कंपनी द्वारा कराई रिपोर्ट का है, स्वतंत्र आकलन नहीं।
कंपनी के पेटेंट की गिनती पर भारत की 6G पेटेंट कहानी में हम पहले लिख चुके हैं; वहाँ भी असली सवाल आवेदन से आगे का था।
पैसा कहाँ जाएगा, और मांग कैसी रही
TechTimes के अनुसार इश्यू से मिले पैसे में से ₹27,500 करोड़ तक Reliance Jio Infocomm की उधारी चुकाने में लगेंगे। बाक़ी रक़म सामान्य कॉर्पोरेट ज़रूरतों के लिए है।
गणित सीधा है: ₹27,500 करोड़ कुल उधारी के ₹70,781 करोड़ का करीब 39% बैठता है। यानी यह IPO कंपनी की उधारी का क़रीब दो-पाँचवाँ हिस्सा हल्का कर सकता है, नई फ़ैक्ट्री या नए नेटवर्क पर बड़ा नया निवेश इसका मुख्य मक़सद नहीं दिखता। घर के होम-लोन की बड़ी किस्त चुकाने जैसा क़दम है, नया कमरा बनाने जैसा नहीं।
CEOWorld Magazine के अनुसार 19 अक्टूबर को 212 एंकर निवेशकों को ऊपरी भाव ₹1,119 पर करीब 7.25 करोड़ शेयर मिले, जिनसे ₹8,109.85 करोड़ जुटे। एंकर हिस्से के लिए बोलियां ₹2.5 लाख करोड़ से ऊपर थीं, यानी पेशकश से लगभग 30 गुना।
ऊपरी भाव पर कंपनी का मूल्यांकन करीब ₹10.3 लाख करोड़ बैठता है। FY2026 के ₹30,049 करोड़ के मुनाफ़े से भाग दें तो यह लगभग 34 गुना आता है। यह सिर्फ़ एक पैमाना है; इसे सस्ता या महंगा कहने के लिए तुलना के लिए दूसरी कंपनियाँ चाहिए।
भारत के लिए मतलब: छोटा फ़्लोट, बड़ा नाम
RHP के अनुसार नेट इश्यू का कम से कम 35% हिस्सा खुदरा निवेशकों का है। कर्मचारियों के लिए ₹500 करोड़ और Reliance के पात्र शेयरधारकों के लिए ₹2,500 करोड़ तक आरक्षित हैं। पुराने निवेशक, जैसे Meta, Google, KKR और PIF, इस बार कुछ नहीं बेच रहे।
यह हमारा आकलन है कि सिर्फ़ करीब 2.9% हिस्से के बाज़ार में आने से शुरुआती दिनों में शेयर का भाव ज़्यादा उतार-चढ़ाव दिखा सकता है।
Paytm Money के RHP-सार के अनुसार कंपनी स्पेक्ट्रम और लाइसेंस पर निर्भर है, और प्रीपेड सेवाओं का वितरण सिर्फ़ Reliance Retail करती है। उपग्रह-आधारित ब्रॉडबैंड जैसे नए विकल्पों को भी जोखिम गिना गया है। SpaceX के स्पेक्ट्रम सौदे और भारत में Starlink की अड़चनें उसी बहस का हिस्सा हैं।
जो अभी पता नहीं है
अंतिम इश्यू भाव अभी तय नहीं हुआ है; वह ₹1,065 से ₹1,119 के बीच का होगा। आवंटन 26 अक्टूबर और सूचीबद्धता 28 अक्टूबर को संभावित बताई गई है, पर यह तारीख़ें बाज़ार की सूचनाओं पर टिकी हैं, RHP के पहले पन्ने पर नहीं।
यह भी नहीं पता कि खुदरा और संस्थागत हिस्सों में बोली कितनी रहेगी, और सूचीबद्ध होने पर भाव कहाँ बैठेगा। RHP ख़ुद चेतावनी देता है कि इश्यू भाव सूचीबद्ध होने के बाद के भाव का संकेत नहीं है।
तीसरा सवाल उधारी चुकाने के असली असर का है। यह साफ़ नहीं कि घटे ब्याज-ख़र्च से मुनाफ़ा कितना बढ़ेगा, क्योंकि RHP के सार में रक़म का बँटवारा ऊपरी सीमा के रूप में बताया गया है, पक्के आँकड़े के रूप में नहीं।
आगे क्या देखें
RHP के अनुसार बोली 23 अक्टूबर शाम 7 बजे तक खुली है। तीनों दिन के बाद खुदरा, गैर-संस्थागत और संस्थागत हिस्सों का सब्सक्रिप्शन आँकड़ा देखना काम का होगा।
दूसरी चीज़ सूचीबद्धता के बाद का पहला तिमाही नतीजा है, जिसमें उधारी घटने का असर दिखेगा। भारतीय ग्राहक के लिए सबसे सीधा सवाल बना रहेगा कि क्या बड़ी कंपनी की उधारी कम होने से दाम या सेवाओं पर कोई असर आता है।
पहले रिकॉर्ड वाला IPO एक मालिक के बाहर निकलने की कहानी था। इस बार रिकॉर्ड एक घर के भीतर से, उधारी हल्की करने के लिए आया है।
स्रोत: Jio Platforms का RHP (14 अक्टूबर 2026), Business Standard, CEOWorld Magazine, TechTimes, Paytm Money, Kotak Neo