कॉफ़ी शॉप के काउंटर पर अब एक नया नज़ारा दिख सकता है: QR कोड स्कैन करने के बजाय कोई ग्राहक अपना iPhone मशीन के पास ले जाता है, Face ID से चेहरा दिखता है, और पल भर में पेमेंट हो जाती है। 30 सितंबर 2026 से यही Apple Pay भारत में असली है, फ़िलहाल सिर्फ़ Axis Bank के कार्ड्स के साथ।
Open के अनुसार यह लॉन्च 12 साल के इंतज़ार के बाद आया है। तो यह असल में काम कैसे करता है, और UPI से बिल्कुल अलग क्यों है? आइए कदम-दर-कदम समझते हैं।
पहला कदम: Wallet में कार्ड जोड़ना
Livefromalounge और Nyongesasande की रिपोर्टों के अनुसार शुरुआत Apple के Wallet ऐप से होती है। '+' बटन दबाकर अपना Axis Bank का Visa या Mastercard क्रेडिट कार्ड चुनें, और बैंक का सत्यापन (OTP या ऐप के ज़रिए) पूरा करें। कार्ड Axis Bank के मोबाइल ऐप से भी जोड़ा जा सकता है।
Careerindia के अनुसार इसमें RBI के tokenisation नियम लागू होते हैं: असली 16-अंकों का कार्ड नंबर iPhone में कभी सेव नहीं होता। उसकी जगह डिवाइस के लिए एक अलग, बेकार-सा दिखने वाला 'टोकन' नंबर बनता है, जो सिर्फ़ उसी iPhone पर काम करता है।
यही वजह है कि अगर iPhone चोरी हो भी जाए, तो चोर के पास असली कार्ड नंबर नहीं पहुँचता। टोकन सिर्फ़ उस डिवाइस से जुड़ा होता है, इसलिए उसे किसी दूसरे फ़ोन या वेबसाइट पर कॉपी करके इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
दूसरा कदम: दुकान पर टैप करना
भुगतान के समय सिर्फ़ फ़ोन की साइड बटन दबाएँ दो बार दबाएं, Face ID या Touch ID से पहचान की पुष्टि करें, और फ़ोन को NFC टर्मिनल के पास ले जाएँ। Open के अनुसार यह वही NFC तकनीक है जो contactless कार्ड में पहले से इस्तेमाल होती है, इसलिए किसी भी दुकान में जहाँ टैप-कार्ड चलता है, वहाँ Apple Pay भी चल जाएगा।
Careerindia के अनुसार एक खास 'Express Card' मोड भी है, जो फ़ोन की बैटरी बिल्कुल खत्म होने पर भी थोड़े समय के लिए टैप-पेमेंट चलने देता है, जैसे मेट्रो या टोल गेट पर काम आ सकता है।
UPI से यह कैसे अलग है
दोनों का तरीका बुनियादी तौर पर अलग है। GSMArena पर एक यूज़र की टिप्पणी के अनुसार UPI सीधे बैंक-खाते से बैंक-खाते में पैसा भेजता है, जबकि Apple Pay एक क्रेडिट कार्ड नेटवर्क (Visa/Mastercard) के ज़रिए टोकन से भुगतान करता है।
| पहलू | UPI | Apple Pay (भारत में) |
|---|---|---|
| पैसा कहाँ से जाता है | सीधे बैंक खाता | क्रेडिट कार्ड की लिमिट से |
| तरीका | QR कोड स्कैन करना | फ़ोन टैप करना |
| ज़रूरी डिवाइस | कोई भी स्मार्टफ़ोन, कैमरा चाहिए | NFC वाला iPhone/Apple Watch |
| कार्ड नेटवर्क | लागू नहीं | Visa, Mastercard (फ़िलहाल) |
यानी दोनों एक-दूसरे का विकल्प नहीं, अलग काम के औज़ार हैं। जिसके पास क्रेडिट कार्ड नहीं, उसके लिए Apple Pay फ़िलहाल बेमानी है, और UPI वहाँ राज करता रहेगा। UPI की अपनी अलग नई योजनाएँ भी साथ-साथ चल रही हैं।
एक दुकानदार के लिए भी फ़र्क साफ़ है: UPI के लिए सिर्फ़ एक प्रिंटेड QR कोड चाहिए, जबकि Apple Pay के लिए NFC वाली कार्ड-मशीन ज़रूरी है। इसीलिए बहुत से छोटे दुकानदार अब भी सिर्फ़ QR पर चलते हैं, और बड़े मॉल व रेस्टोरेंट पहले अपनाएँगे।
अभी क्या सीमा है
Open और Startuptalky की रिपोर्टों के अनुसार शुरुआत में सिर्फ़ Axis Bank के Visa और Mastercard क्रेडिट कार्ड काम करते हैं। डेबिट कार्ड, RuPay और American Express अभी शामिल नहीं हैं, चाहे वे किसी भी बैंक के हों।
Startuptalky के अनुसार SBI Card, HDFC Bank और ICICI Bank ने अभी इस सौदे से दूरी बनाई है, बातचीत जारी है। Open के अनुसार अगस्त 2026 तक Axis Bank के करीब 1.63 करोड़ क्रेडिट कार्ड चालू थे, इसलिए Apple ने सबसे बड़े मौजूदा नेटवर्क से शुरुआत की।
यानी अगर किसी के पास Axis Bank का डेबिट कार्ड है, या किसी और बैंक का क्रेडिट कार्ड है, तो अभी के लिए Wallet ऐप में वह कार्ड जोड़ने का विकल्प ही नहीं दिखेगा। iPhone और Apple Watch के अलावा किसी Android फ़ोन पर भी यह सुविधा काम नहीं करती।
भारत के संदर्भ में
Startuptalky के अनुसार Apple की कमाई यहाँ बैंक की interchange फ़ीस के एक हिस्से, करीब 0.2% (20 बेसिस पॉइंट), से होती है, हर दुकान-भुगतान पर नहीं। यानी जिन बैंकों के पास ज़्यादा क्रेडिट कार्ड हैं, Apple की सबसे पहली दिलचस्पी उनमें ही होगी।
भारत में क्रेडिट कार्ड रखने वालों की संख्या UPI यूज़र्स के मुक़ाबले अब भी काफ़ी कम है, इसलिए Apple Pay का असर शुरू में बड़े शहरों के प्रीमियम कार्डधारकों तक सीमित रहेगा। यह हमारा आकलन है: UPI की जगह लेना इसका मकसद नहीं, बल्कि iPhone इस्तेमाल करने वालों के लिए एक अतिरिक्त, तेज़ तरीका जोड़ना है।
दुनिया के ज़्यादातर बड़े बाज़ारों में Apple Pay पहले से है; भारत आखिरी बड़े देशों में से एक था जहाँ यह अब पहुँचा। इससे यह भी पता चलता है कि भारत का भुगतान-तंत्र अपने ही UPI की वजह से इतना अलग बन चुका है कि बड़ी ग्लोबल कंपनियों को भी अपनी रणनीति यहाँ की ज़रूरत के हिसाब से ढालनी पड़ी।
जो अभी पता नहीं
HDFC, ICICI और SBI Card कब जुड़ेंगे, इसकी कोई तारीख घोषित नहीं हुई। RuPay और डेबिट कार्ड को शामिल करने पर भी अभी कोई समय-सीमा सामने नहीं आई।
Open के अनुसार Mac पर 'Tap to Pay' की सुविधा भी 'आने वाले समय में' कही गई है, पर सही तारीख साफ़ नहीं है। यह भी साफ़ नहीं कि प्रीपेड कार्ड या EMI जैसे खर्च Apple Pay के ज़रिए काम करेंगे या नहीं।
आगे क्या देखें
तीन चीज़ें आने वाले महीनों में साफ़ करेंगी कि Apple Pay भारत में कितना फैलता है:
- क्या HDFC, ICICI या SBI Card इस साल के भीतर जुड़ते हैं।
- RuPay और डेबिट कार्ड को शामिल करने पर कोई घोषणा आती है या नहीं।
- दुकानदारों के NFC टर्मिनल कितनी तेज़ी से तैयार मिलते हैं, क्योंकि बहुत से छोटे दुकानदार अब भी सिर्फ़ UPI QR पर चलते हैं।
फ़िलहाल जिनके पास eligible Axis Bank कार्ड है, उनके लिए यह सच में वॉलेट से एक कार्ड कम निकालने जैसा आसान बदलाव है। बाकी सबके लिए UPI अभी भी रोज़ का तरीका बना रहेगा।
स्रोत: Open, Careerindia, Startuptalky, Livefromalounge, Deccan Herald