क्या 'सबसे दूर का रेडियो सिग्नल' ब्रह्मांड की शुरुआत की गूंज है, या किसी एलियन का संदेश? पहली बात गलत है, और दूसरी का शोध में कोई संकेत नहीं। Science में 8 अक्टूबर 2026 को छपे शोध के अनुसार FRB 20240304B नाम का रेडियो धमाका बिग बैंग के करीब 3 अरब साल बाद हुआ।
University of Sydney के अनुसार यह अब तक का सबसे दूर दर्ज FRB है, और उसकी रेडियो रोशनी ने धरती तक पहुंचने में 10 अरब साल से ज़्यादा का सफ़र किया। स्रोत एक छोटी आकाशगंगा निकली।
इस लेख का अलग हिस्सा खबर का भारतीय पहलू है: GMRT, NCRA की FRB-खोज और SKA में भारत की सदस्यता। साथ में यह भी कि redshift और DM जैसे अंक रोज़ की भाषा में क्या कहते हैं।
4 मार्च 2024 को MeerKAT ने क्या पकड़ा
University of Sydney के बयान के अनुसार MeerTRAP परियोजना ने दक्षिण अफ्रीका की MeerKAT दूरबीन से यह धमाका पकड़ा। arXiv पर उपलब्ध शोध-पत्र के अनुसार यह 4 मार्च 2024 को 00:50 UTC पर दर्ज हुआ, यानी भारतीय समय में लगभग सुबह 6:20 बजे। FRB यानी तेज़ रेडियो बर्स्ट (fast radio burst) आम तौर पर कुछ मिलीसेकंड में खत्म हो जाने वाली रेडियो चमक होती है।
दूरी का अंदाज़ा DM (dispersion measure) से लगा। रेडियो तरंगें रास्ते की गैस से गुज़रते हुए अलग-अलग आवृत्ति पर अलग समय पर पहुंचती हैं, जैसे भीड़ वाली सड़क पर धीमी गाड़ियां पीछे रह जाती हैं। शोध-पत्र के अनुसार इस धमाके का DM 2458.20 pc cm⁻³ रहा, जिसमें हमारी आकाशगंगा का हिस्सा करीब 68 (28 और 40) आंका गया। यानी कुल का लगभग 3% ही पास का है।
अकेले DM से सिर्फ़ मोटी दूरी निकलती है। इसलिए JWST (James Webb Space Telescope) के NIRCam और NIRSpec यंत्रों से उस जगह की आकाशगंगा खोजी गई, जो Keck और MMT जैसी ज़मीनी दूरबीनों को नहीं दिखी थी। Science के सार के अनुसार उसका redshift 2.148 है। Redshift यानी ब्रह्मांड के फैलने से रोशनी का खिंच जाना; 2.148 का मतलब बिग बैंग के लगभग 3 अरब साल बाद का समय।
छोटी आकाशगंगा, बड़ी ऊर्जा: स्रोत का सुराग
उम्मीद थी कि इतनी दूर का धमाका किसी बड़ी, तारों से भरी आकाशगंगा से आएगा। Sydney की Manisha Caleb के अनुसार उम्मीद बड़ी आकाशगंगा की थी, पर निकली एक बौनी आकाशगंगा, जो तारे बनाने में सक्रिय है। arXiv पर उपलब्ध शोध-पत्र के कुछ मुख्य आंकड़े:
| गुण | शोध-पत्र के अनुसार मान |
|---|---|
| Redshift | 2.148 ± 0.001 |
| तारों का कुल द्रव्यमान | करीब एक करोड़ सूर्यों के बराबर (10⁷) |
| तारे बनने की दर | लगभग 0.1 से 0.2 सूर्य-द्रव्यमान प्रति वर्ष |
| भारी तत्वों का अंश | सूर्य का करीब 10 से 20% |
| धमाके की ऊर्जा | करीब 10⁴¹ erg, FRB के आम दायरे के ऊपरी छोर पर |
Sydney के बयान के अनुसार युवा, तेज़ी से तारे बनाती आकाशगंगा उस सिद्धांत से ज़्यादा मेल खाती है जिसमें FRB किसी नवजात मैग्नेटार (magnetar), यानी अत्यंत चुंबकीय न्यूट्रॉन तारे, से आता है। पुराने न्यूट्रॉन तारों के विलय वाला सिद्धांत यहां कमज़ोर पड़ता है। magnetar की ताकतवर चुंबकीय दुनिया पर हम पहले लिख चुके हैं।
भारत की दूरबीनें FRB की दौड़ में कहां हैं
arXiv संस्करण की संस्था-सूची में कोई भारतीय संस्थान नहीं है, यानी यह खोज भारत के बाहर की टीमों ने की। फिर भी भारत FRB पढ़ने वालों में है। NCRA-TIFR के Ajay Kumar, Yogesh Maan और साथियों ने The Astrophysical Journal में छपे अध्ययन में GMRT से FRB 20240114A के 60 बर्स्ट 300 से 750 MHz के बीच दर्ज किए।
URSI-RCRS 2024 की एक प्रस्तुति के अनुसार GMRT पर SPOTLIGHT नाम की प्रणाली बन रही है, जो National Supercomputing Mission के सहयोग से FRB और पल्सर की रीयल-टाइम खोज करेगी और बर्स्ट की जगह सेकंड-ऑफ-आर्क की सटीकता से बताएगी। इस जगह-निर्धारण के बिना होस्ट आकाशगंगा नहीं मिलती, और होस्ट के बिना redshift नहीं।
एक सीमा भी है। शोध-पत्र के अनुसार इस FRB का बिखराव (scattering) 1 GHz पर 5.6 मिलीसेकंड था, और सूचकांक −4.7। हमारा आकलन है कि यही घात-नियम 400 MHz तक चले तो पल्स करीब 400 मिलीसेकंड तक फैल जाएगी। इसलिए इतने दूर के FRB के लिए GMRT के निचले बैंड की जगह ऊंचा 1060 से 1460 MHz वाला बैंड ज़्यादा उपयोगी होगा।
SKA में भारत की सदस्यता और अगला दौर
MeerKAT, Sydney के बयान के अनुसार, SKA Observatory का अग्रदूत है। SKAO की साइट के अनुसार भारत जुलाई 2024 में संधि पर हस्ताक्षर और अनुमोदन के बाद SKAO परिषद का सदस्य बना। DAE के अनुसार सरकार ने अगले सात साल के निर्माण-चरण के लिए करीब ₹1,250 करोड़ की मंज़ूरी दी, और भारत की मुख्य भूमिका Telescope Manager यानी दूरबीन चलाने वाले सॉफ़्टवेयर में है।
शोध-पत्र के अनुसार SKAO की Mid दूरबीन और अंतरिक्ष-आधारित इमेजिंग मिलकर ऊंचे redshift के FRB की जनगणना कर सकेंगे। इसमें भारत का फ़ायदा डेटा तक पहुंच और सॉफ़्टवेयर-उद्योग के काम में है। MeerKAT की रेडियो खोजों पर MeerKAT से मिला पहला एक्सोप्लैनेट रेडियो संकेत में भी लिखा है।
जो अभी पता नहीं
यह एक अकेली घटना है, इसलिए नतीजे की सीमाएं साफ़ रखना ज़रूरी है। दूरी और होस्ट का redshift मापे हुए आंकड़े हैं। स्रोत का प्रकार शोध-पत्र का अनुमान है, पक्का निष्कर्ष नहीं। खुले सवाल ये रहे:
- स्रोत मैग्नेटार ही है या नहीं। शोध-पत्र के अनुसार संकेत इसी तरफ़ झुकते हैं, पर यह एक घटना है।
- होस्ट की पहचान की संभावना 97.5% है। शोध-पत्र के अनुसार करीब 2.4% संभावना किसी अनदेखी आकाशगंगा की भी बची है।
- DM सिर्फ़ दूरी का पैमाना नहीं है। शोध-पत्र के अनुसार रास्ते में Virgo cluster और एक आकाशगंगा-समूह भी DM जोड़ते हैं।
- यह arXiv संस्करण है; Science के प्रकाशित पाठ में कुछ संख्याएं और शब्द अलग हो सकते हैं।
आगे क्या देखें
- MeerTRAP के और FRB। शोध-पत्र का अनुमान है कि उसकी कोहेरेंट-बीम खोज के करीब 6.3% FRB redshift 2 से ऊपर होंगे।
- JWST से दूसरे ऊंचे redshift वाले FRB के होस्ट की जांच।
- GMRT के SPOTLIGHT और SKAO Mid से मिलने वाली नई FRB सूचियां। तारीख़ें घोषित नहीं मिलीं।
तस्वीर अभी एक ही धमाके की है, पर वह 10 अरब साल पहले के ब्रह्मांड में झांकने की खिड़की बन गया। FRB अब सिर्फ़ पहेली नहीं, दूर की गैस और आकाशगंगाओं को परखने का औज़ार भी बनते दिख रहे हैं। किसी कृत्रिम स्रोत का संकेत इन स्रोतों में नहीं मिला।
स्रोत: Science, University of Sydney (EurekAlert), arXiv, The Astrophysical Journal, URSI-RCRS 2024, SKAO/DAE