2015 में भारत ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (GII) में 81वें स्थान पर था। GII 2026 में वह 139 देशों के बीच 38वें स्थान पर है, और पिछले साल की रैंक से यह वही है। असली बात यह है कि 2015 से 2022 के बीच भारत ने करीब 41 पायदान की छलांग लगाई, जबकि 2022 से अब तक चार साल में सिर्फ दो पायदान।

वैश्विक रिपोर्ट में क्या है

विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) ने 29 सितंबर 2026 को GII 2026 जारी किया। यह इसका 19वां संस्करण है और 139 अर्थव्यवस्थाओं को करीब 80 संकेतकों पर परखता है। Drishti IAS और govjobs की रिपोर्टों के अनुसार स्विट्जरलैंड फिर पहले स्थान पर है, उसके बाद स्वीडन और अमेरिका आते हैं।

WIPO के भारत पेज के अनुसार भारत 36 निम्न-मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्थाओं में पहले और मध्य व दक्षिण एशिया की 11 अर्थव्यवस्थाओं में भी पहले स्थान पर है। ETV Bharat के अनुसार भारत का कुल स्कोर 40.1 है, जबकि भूटान 74वें और कजाकिस्तान 73वें स्थान पर हैं।

भारत: 38वीं रैंक और 81 से सफर

रैंकिंग की कहानी एक नजर में सीधी है। नीचे के आंकड़े WIPO और अलग-अलग रिपोर्टों से लिए गए हैं:

  • 2015: 81वां स्थान
  • 2020: 48वां स्थान
  • 2022: 40वां स्थान
  • 2024: 39वां स्थान
  • 2025: 38वां स्थान (स्कोर 38.2)
  • 2026: 38वां स्थान (स्कोर 40.1)

2015 से 2022 तक 41 पायदान की चढ़ाई का औसत करीब 5.9 पायदान प्रति साल बनता है। 2022 से 2026 के बीच यह औसत सिर्फ 0.5 पायदान प्रति साल है। शुरुआत में ऊपर जाना आसान था, अब हर पायदान पर मुकाबला कड़ा है।

भारत की ताकत: जहां नतीजे आगे हैं

भारत इनोवेशन के नतीजों में 25वें और लगाए गए संसाधनों में 49वें स्थान पर है। Drishti IAS के अनुसार भारत ICT सेवाओं के निर्यात में दुनिया में पहले, देर चरण के वेंचर कैपिटल सौदों में चौथे और अमूर्त संपत्ति की गहनता में 13वें स्थान पर है।

ज्ञान और तकनीक के नतीजों वाला स्तंभ 22वें से सुधरकर 15वें स्थान पर आया है, ETV Bharat के आंकड़ों के अनुसार। उसी रिपोर्ट के अनुसार भारत की वैश्विक वैज्ञानिक प्रकाशनों में हिस्सेदारी 4.4% से बढ़कर 6.6% हुई है। देर चरण की फंडिंग की बात करें तो F2A का 3,000 करोड़ का ग्रोथ-स्टेज फंड इसी कड़ी का नया उदाहरण है।

भारत की कमजोर कड़ियां

स्तंभों के हिसाब से देखें तो कारोबारी परिष्कार (business sophistication) 63वें, संस्थाएं 60वें और बुनियादी ढांचा 62वें स्थान पर हैं। मानव पूंजी और शोध 54वें स्थान पर रहा। नीचे की तालिका में पिछले साल से तुलना है, जो ETV Bharat की रिपोर्ट के आंकड़ों पर आधारित है।

स्तंभ2025 की रैंक2026 की रैंक
ज्ञान और तकनीक के नतीजे2215
बाजार परिष्कार3835
मानव पूंजी और शोध5454
कारोबारी परिष्कार6463
संस्थाएं5860
बुनियादी ढांचा6162
रचनात्मक नतीजे4243

सात में से चार स्तंभ या तो सुधरे या ज्यों के त्यों रहे, तीन स्तंभ एक-एक या दो पायदान फिसले। यानी सबसे बड़ी छलांग ज्ञान और तकनीक के नतीजों में है, जबकि संस्थाएं और बुनियादी ढांचा फिसले हैं।

भारत के लिए मतलब

capitalvia के विश्लेषण में WIPO की रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि भारत की इनोवेशन रीढ़ सॉफ्टवेयर निर्यात, स्टार्टअप और वेंचर पैसे पर टिकी है, प्रयोगशालाओं और ज्ञान-कर्मियों पर कम। WIPO ने मध्य-आय वाले सात देशों के लिए 'इनोवेशन ग्लास सीलिंग' की बात भी की है।

नतीजों और संसाधनों की खाई भी बदली है। Anantam IAS के अनुसार पिछले संस्करण में भारत नतीजों में 32वें और संसाधनों में 52वें स्थान पर था, यानी 20 पायदान का अंतर। इस बार यह 25वें और 49वें का, यानी 24 पायदान का अंतर है। यह हमारा आकलन है कि यह अंतर अच्छा संकेत भी है और जोखिम भी, क्योंकि नतीजे बिना मजबूत नींव के कब तक टिकेंगे, यह साफ नहीं।

पेटेंट के आंकड़े इसी तस्वीर को और जटिल बनाते हैं। ANI के हवाले से Tribune के अनुसार FY 2025-26 में भारत में रिकॉर्ड 1,43,729 पेटेंट आवेदन आए, जो 30.2% ज्यादा हैं, और 69.4% घरेलू आवेदकों के थे। Kalinga TV के अनुसार पेटेंट मंजूरी 36% घटकर 21,439 रही। दूसरी तरफ 6G पेटेंट की हकीकत भी दिखाती है कि फाइलिंग और असली तकनीकी बढ़त अलग बातें हैं।

संसाधनों वाले पक्ष पर सरकारी कोष की भूमिका बनी रहेगी। उदाहरण के लिए RDI Fund के 19 फंड मैनेजर उसी इनपुट की तरफ का कदम हैं, जिसकी रैंक 49वीं है।

जो अभी पता नहीं

WIPO के अनुसार GII 2026 में भारत की रैंक का सांख्यिकीय विश्वास अंतराल 34 से 39 के बीच है, इसलिए 38वां स्थान पक्की संख्या नहीं, एक अनुमानित बिंदु है। WIPO यह भी कहता है कि डेटा उपलब्धता और मॉडल बदलने से साल-दर-साल तुलना प्रभावित होती है।

बेंगलुरु की क्लस्टर रैंक पर भी स्रोत थोड़े अलग हैं। Jokta Academy के अनुसार WIPO की मुख्य घोषणा में बेंगलुरु 25वें स्थान पर है, पर विस्तृत अध्याय में 24वां दर्ज है। यह भी साफ नहीं कि ज्ञान-तकनीक के नतीजों में हालिया बढ़त अगले साल भी टिकेगी या नहीं।

आगे क्या देखें

तीन चीजें देखने लायक हैं: संसाधनों वाले स्तंभों में, खासकर शोध खर्च और संस्थाओं में, सुधार दिखता है या नहीं। दूसरा, पेटेंट आवेदन और मंजूरी का फासला घटता है या नहीं। तीसरा, भारत के चार क्लस्टर, यानी बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई और चेन्नई, शीर्ष 100 में अपनी जगह कितनी मजबूत करते हैं। Jokta Academy के अनुसार इनकी रैंक क्रमशः 25, 27, 43 और 79 है।

GII की 38वीं रैंक भारत की कहानी का अच्छा सार है: नतीजों में आगे, नींव में पीछे। अगले संस्करण तक असली कसौटी यह होगी कि नीचे वाले स्तंभ ऊपर वालों के साथ कदम मिला पाते हैं या नहीं।

GII 2026 में भारत की रैंक क्या है?

WIPO के अनुसार भारत 139 अर्थव्यवस्थाओं में 38वें स्थान पर है। यह निम्न-मध्यम आय वाले समूह और मध्य व दक्षिण एशिया, दोनों में पहला स्थान है।

GII 2026 में शीर्ष पर कौन है?

Drishti IAS और govjobs की रिपोर्टों के अनुसार स्विट्जरलैंड शीर्ष पर बना हुआ है, उसके बाद स्वीडन और अमेरिका आते हैं।

भारत की रैंक इनोवेशन के नतीजों में क्या है?

WIPO के अनुसार भारत नतीजों वाले सब-इंडेक्स में 25वें और संसाधनों वाले सब-इंडेक्स में 49वें स्थान पर है। यही अंतर भारत की ताकत और कमजोरी दोनों दिखाता है।

भारत के कौन से शहर GII क्लस्टर में हैं?

बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई और चेन्नई दुनिया के शीर्ष 100 इनोवेशन क्लस्टर में हैं। Jokta Academy के अनुसार इनकी रैंक क्रमशः 25, 27, 43 और 79 है।

स्रोत: WIPO (GII 2026), ETV Bharat, Drishti IAS, Tribune (ANI), Kalinga TV, Anantam IAS