क्या किसी गड्ढे की उम्र तय करने में वैज्ञानिक 10 करोड़ साल तक गलत हो सकते हैं? Oklahoma के Ames Crater के मामले में जवाब हां है। दशकों तक इसे करीब 46.75 करोड़ साल पुराना माना जाता था, पर University of Texas at Austin की नई जांच में यह सिर्फ 37 करोड़ साल पुराना निकला।

यह फर्क सिर्फ कुछ लाख साल का नहीं, बल्कि पूरे 10 करोड़ साल का है, जो धरती के इतिहास के एक अलग अध्याय में गड्ढे को खड़ा कर देता है।

पहले क्या माना जाता था: 46.75 करोड़ साल पुराना गड्ढा

Jackson School of Geosciences के अनुसार Ames Crater, Oklahoma के Ames शहर के नीचे मिट्टी में दबा 14 से 16 किलोमीटर चौड़ा एक पुराना गड्ढा है। यह North America के उन कई बड़े गड्ढों के समूह में गिना जाता था, जिन्हें Ordovician Meteor Event नाम दिया गया था, जिनकी उम्र करीब 46.75 करोड़ साल आंकी गई थी।

यह माना जाता था कि करीब 46.6 से 46.8 करोड़ साल पहले L-chondrite नाम के एक बड़े उल्कापिंड का मुख्य हिस्सा टूटकर बिखर गया था, जिससे धरती पर एक साथ कई जगह टक्कर हुई। इसी बिखराव को Ordovician Meteor Event कहा जाता है, और Ames को इसी समूह का हिस्सा माना जाता रहा।

यह उम्र गड्ढे की चट्टानों में मिले conodont नाम के एक पुराने समुद्री जीव के दांतों पर आधारित थी, जो Ordovician काल के माने जाते हैं।

अब क्या निकला: सिर्फ 37 करोड़ साल पुराना गड्ढा

Elizabeth Catlos की टीम ने गड्ढे की चट्टान में मौजूद zircon नाम के बेहद छोटे क्रिस्टल को uranium-lead विधि से जांचा। ScienceDaily के अनुसार नतीजा हर बार एक जैसा आया: असली उम्र करीब 37 करोड़ साल, यानी Late Devonian काल की।

यह जांच गड्ढे के नीचे से निकाले गए रॉक कोर के नमूनों पर हुई, जो Oklahoma Geological Survey से लिए गए थे। आज यह गड्ढा करीब 2 मील मोटी मिट्टी की परत के नीचे दबा है, और तेल-गैस निकालने के काम में भी अहम माना जाता है।

Catlos के अनुसार उन्होंने कई अलग-अलग तरीके आज़माए, पर हर बार नतीजा इसी नई, छोटी उम्र की तरफ ही आया। टीम के अनुसार ज़्यादातर क्रिस्टल करीब 1.4 अरब साल पुरानी बुनियादी चट्टान के थे, पर एक छोटा समूह सिर्फ 36.97 करोड़ साल का निकला।

इतना बड़ा फर्क क्यों आया: दांत बनाम क्रिस्टल

तरीकाकिस चीज़ पर आधारितनतीजा
पुराना तरीकाConodont जीव के दांत46.75 करोड़ साल
नया तरीकाZircon क्रिस्टल की uranium-lead डेटिंग37 करोड़ साल

Catlos के अनुसार वह दांत असल में गड्ढा बनने के समय से लाखों साल पुराने थे, और टक्कर के दौरान मिट्टी में इधर-उधर मिल गए। यानी वे गड्ढे की उम्र नहीं, बल्कि उस पुरानी चट्टान की उम्र बता रहे थे, जिसमें से होकर उल्कापिंड गुज़रा था। इसे ऐसे समझें जैसे किसी नई बनी सड़क की उम्र, उसके नीचे दबे किसी पुराने सिक्के की तारीख से तय कर दी जाए।

नई उम्र का मतलब: एक सामूहिक विनाश के बेहद करीब

नई उम्र गड्ढे को Ordovician Meteor Event के समूह से बाहर कर देती है। इसके बजाय यह अब Frasnian-Famennian extinction के बहुत करीब आ जाती है, जो करीब 37.2 करोड़ साल पहले हुआ एक बड़ा सामूहिक विनाश था और जिसमें समुद्री जीवन का एक बड़ा हिस्सा खत्म हो गया था। यह धरती के इतिहास के सबसे बड़े पांच सामूहिक विनाशों में गिना जाता है।

Earth.com के अनुसार टीम ने साफ किया है कि उम्र का मिलना इस बात का सबूत नहीं है कि टक्कर ने ही विनाश किया; अनिश्चितता करीब 1.2 करोड़ साल तक है, इसलिए दोनों घटनाओं का सीधा रिश्ता अभी साबित नहीं होता।

फिर भी शोधकर्ता मानते हैं कि यह मेल सिर्फ इत्तेफाक से ज़्यादा जांच के लायक है, और Devonian काल की चट्टानों में उस दौर के और सबूत ढूंढे जा सकते हैं।

भारत का अपना वैसा ही किस्सा: Lonar Crater की उम्र भी बदली

भारत के महाराष्ट्र में मौजूद Lonar Crater के साथ भी कुछ वैसा ही हुआ है। यह बेसाल्ट चट्टान में बना दुनिया का इकलौता जाना-पहचाना गड्ढा है, और इसके किनारे पर आज भी खारी झील मौजूद है।

पुराने thermoluminescence तरीके से इसकी उम्र करीब 52,000 साल मानी जाती थी। बाद में argon-argon डेटिंग की नई स्टडी में यह उम्र बढ़कर करीब 5,76,000 साल (576,000 ± 47,000) तक पहुंच गई, यानी पहले के अंदाज़े से करीब 11 गुना ज़्यादा।

हमारी राय में Ames और Lonar दोनों का किस्सा एक ही सीख देता है: गड्ढे की उम्र नापने का तरीका बदलने से नतीजा भी बुनियादी तौर पर बदल सकता है, चाहे गड्ढा अमेरिका में हो या भारत में।

इससे पहले एक और उल्कापिंड गड्ढे की खोज पर हमारी Quebec वाली स्टोरी भी है, जिसकी उम्र करीब 39 करोड़ साल बताई गई थी, यानी Ames के नए अंदाज़े के बहुत करीब। यह बताता है कि करीब 37 से 39 करोड़ साल पहले का दौर धरती पर टक्करों के लिए एक व्यस्त समय रहा होगा।

अभी क्या पता नहीं, आगे क्या देखा जाएगा

  • क्या Ames गड्ढा असल में Frasnian-Famennian extinction की वजह बना, या सिर्फ समय का मेल है, यह अभी साबित नहीं हुआ।
  • Ordovician Meteor Event वाले बाकी गड्ढों में से कुछ और की उम्र भी दोबारा जांचने की ज़रूरत हो सकती है।
  • Lonar Crater की सही उम्र पर भी वैज्ञानिकों में अभी पूरी तरह एकमत नहीं है; कुछ पुरानी और नई रिसर्च आपस में अब भी अलग नतीजे देती हैं।

टीम अब Oklahoma के आसपास की Devonian काल की चट्टानों में उस पुराने उल्कापिंड के मलबे के और सबूत ढूंढना चाहती है, ताकि नई उम्र को और पुख्ता किया जा सके। इसी तरह Lonar Crater पर भी शोध अभी जारी है, ताकि उसकी उम्र पर भी ज़्यादा भरोसेमंद सहमति बन सके।

जीवाश्मों से जुड़ी ऐसी ही बारीक पड़ताल पर हमारी एक और स्टोरी भी है, जहां फॉसिल के अंदर से सीधे शरीर के अंग मिले थे। यह दिखाता है कि धरती की पुरानी कहानियां किसी एक तारीख पर टिकी नहीं रहतीं, वे नई तकनीक के साथ बार-बार बदलती रहती हैं, चाहे वह गड्ढा हो या कोई और जीवाश्म।

स्रोत: ScienceDaily, University of Texas at Austin, Earth.com, Jackson School of Geosciences

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