1997 में NASA का Sojourner रोवर 83 sol के मिशन में लगभग 100 मीटर चला था। 2026 में Perseverance रोवर की odometer 45.22 km पढ़ रही है। NASA के अनुसार 11 अक्टूबर को उसने Opportunity का 45.16 km का रिकॉर्ड पार किया और अब किसी भी दूसरी दुनिया पर सबसे ज़्यादा चलने वाला वाहन है।

11 अक्टूबर को क्या हुआ

NASA के अनुसार 11 अक्टूबर 2026 को, मिशन के 2,006वें sol पर, Perseverance की odometer 28.10 मील (45.22 km) पर पहुंची। उस दिन की 91.31 मीटर (299.6 फ़ीट) की ड्राइव ने ही Opportunity का 28.06 मील (45.16 km) वाला रिकॉर्ड पार कराया।

सीधा गणित बताता है कि जीत का अंतर सिर्फ़ 60 मीटर है, यानी उसी दिन की ड्राइव से भी कम। NASA और Space.com दोनों के अनुसार Perseverance ने यह दूरी साढ़े पांच साल में तय की, जबकि Opportunity को 2004 से 2018 के बीच लगभग 15 साल लगे थे।

NASA के अनुसार उस समय रोवर Idubi नाम के इलाके की ओर बढ़ रहा था। यानी रिकॉर्ड किसी खास रिकॉर्ड-ड्राइव में नहीं, रोज़ की विज्ञान-यात्रा के बीच टूटा। मिशन टीम के लिए दूरी मंज़िल नहीं, चट्टानों तक पहुंचने का साधन है।

इतनी जल्दी क्यों: चलते-चलते सोचने वाला AutoNav

NASA के अनुसार Perseverance चलते हुए ही ज़मीन की तस्वीरें लेता है, खतरों का 3D नक्शा बनाता है और पृथ्वी से चुने गए पड़ावों के बीच अपना रास्ता खुद तय करता है। इस स्वायत्त सिस्टम का नाम AutoNav है।

  • Perseverance ने अपनी कुल दूरी का 90% से ज़्यादा हिस्सा AutoNav से तय किया; Spirit और Opportunity के पहले AutoNav सिस्टम से लगभग 5% (NASA)।
  • Sojourner रास्ता परखने के लिए 20 मापन-बिंदु लेता था, Perseverance हर नज़र में 6 लाख (NASA)।
  • एक ही sol में अधिकतम 412 मीटर (1,351 फ़ीट) की ड्राइव संभव है (NASA)।

औसत में फ़र्क साफ़ दिखता है: 45.22 km को 2,006 sol से भाग दें तो लगभग 22.5 मीटर प्रति sol आता है। Opportunity के 45.16 km को 5,111 sol से भाग दें तो लगभग 8.8 मीटर।

Sojourner से Perseverance तक: पहले और अब

रोवरकबकुल दूरी
Sojourner1997 (83 sol)लगभग 100 मीटर
Spirit2004 से 20107.7 km
Curiosity2012 से, जारी38.07 km से ज़्यादा (11 अक्टूबर 2026 तक)
Opportunity2004 से 201845.16 km
Perseverance2021 से, जारी45.22 km (11 अक्टूबर 2026 तक)

अनुपात देखें तो Sojourner के लगभग 100 मीटर से Perseverance के 45.22 km तक का फ़ासला करीब 450 गुना है। यह छलांग एक ही रोवर की नहीं, पांच पीढ़ियों के सॉफ़्टवेयर, पहियों और बिजली-व्यवस्था में आए सुधार की है।

NASA के अनुसार Perseverance चांद के रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ चुका है: Apollo 17 के अंतरिक्ष यात्रियों के 35.7 km (1972) और सोवियत Lunokhod 2 के 39 km (1973) को। मिशन की मूल योजना 12.4 मील (लगभग 20 km) से ज़्यादा चलाने की नहीं थी।

रोवर अभी चट्टानों में क्या ढूंढ रहा है

NASA के अनुसार रिकॉर्ड के समय Perseverance Jezero Crater के पश्चिमी किनारे के 'Lac de Charmes' इलाके से 'Idubi' की ओर जा रहा था। टीम को लगता है कि यहां सौर मंडल के सबसे पुराने खंगाले गए इलाकों में से एक है, और Idubi में प्राचीन हाइड्रोथर्मल (गर्म पानी वाली) व्यवस्था के निशान मिलने की उम्मीद है।

अब तक रोवर 29 चट्टान और regolith के नमूने जमा कर चुका है। उसने झील की तली से लेकर नदी-डेल्टा और अब crater के किनारे तक का सफर किया है; किनारे की कुछ चट्टानें लगभग 4 अरब साल पुरानी हैं (NASA)। रास्ते में मिले Cheyava Falls के biosignature की गलतफहमियां हम अलग लेख में समझा चुके हैं।

भारत के लिए मतलब: Pragyan के 100 मीटर से तुलना

ISRO के अनुसार Chandrayaan-3 का 26 kg का Pragyan रोवर 2023 में चांद पर 100 मीटर से ज़्यादा चला था। उसी मिशन के RAMBHA-LP के plasma आंकड़े भी हम पहले समझा चुके हैं। तुलना सीधी नहीं है, क्योंकि लैंडर और रोवर की मिशन-आयु एक चंद्र-दिवस, यानी 14 पृथ्वी-दिन तय थी (ISRO)।

एक दिलचस्प संयोग है कि NASA के Sojourner (1997) और ISRO के Pragyan (2023), दोनों की कुल दूरी लगभग 100 मीटर रही। यानी भारत का पहला चंद्र-रोवर अमेरिका के पहले मंगल-रोवर के पैमाने पर चला।

फिर भी पैमाना देखने लायक है: Perseverance एक ही sol में 412 मीटर तक चल सकता है, जो Pragyan की पूरी यात्रा का चार गुना से कुछ ज़्यादा है। और उसकी कुल दूरी Pragyan से लगभग 450 गुना है।

हमारा आकलन: भविष्य के भारतीय रोवर के लिए असली सबक दूरी नहीं, स्वायत्तता है। जितना ज़्यादा रोवर खुद रास्ता चुनेगा, पृथ्वी से आदेश पहुंचने की देरी उतनी कम अड़चन बनेगी। Mars की ओर भारत की अगली कड़ी पर Mangalyaan के बाद ISRO की योजनाएं पढ़ सकते हैं।

जो अभी पता नहीं

45.22 km का आंकड़ा 11 अक्टूबर का है। NASA के अनुसार हर ड्राइव के बाद odometer बदलती है, इसलिए आज की दूरी इससे ज़्यादा होगी। कितनी, यह सार्वजनिक आंकड़ों से अभी साफ़ नहीं है।

रोवर कितना आगे जाएगा, यह भी अनुमान है। प्रोजेक्ट मैनेजर Steven Lee के अनुसार सभी mobility सिस्टम पूरी तरह चालू हैं और रिकॉर्ड आने वाले कई साल बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा टीम को हाइड्रोथर्मल निशान मिलेंगे या नहीं, इसका जवाब Idubi की जांच के बाद ही मिलेगा।

एक तकनीकी सीमा भी है: NASA के अनुसार सूरज की ओर चलते समय navigation कैमरों में चौंध (glare) आती है, इसलिए रोवर को दोपहर बाद जल्दी रोकना पड़ता है।

आगे क्या देखें

  • Idubi: वहां पहुंचकर प्राचीन हाइड्रोथर्मल निशानों की जांच (NASA)।
  • विस्तारित मिशन: NASA ने पहला विस्तार मंज़ूर किया है, जो अक्टूबर से शुरू होकर लगभग 2028 के अंत तक crater के किनारे की खोज चलाएगा।
  • Rainbow Falls: Jezero के निर्माण वाले टकराव से ऊपर उठा प्राचीन crust का 328 फ़ीट (100 मीटर) चौड़ा खंड, जहां रोवर दक्षिण की ओर जाएगा (NASA)।
  • नया सॉफ़्टवेयर: ड्राइव के बीच कक्षा के नक्शों से अपनी स्थिति जांचने और चौंध के पार देखने की कोशिश (NASA के Mark Maimone)।

1997 में जो कहानी 100 मीटर पर रुकी थी, वह आज 45 km पार कर चुकी है। अब देखना यह है कि इतनी दूर पहुंचकर रोवर जिन पुरानी चट्टानों को छुएगा, वे Mars के अतीत के बारे में क्या कहती हैं।

स्रोत: NASA/JPL, Space.com, ISRO