पहले वायरलेस इयरबड्स का काम सिर्फ गाना बजाना और कॉल जोड़ना था। अब Qualcomm का नया Snapdragon Sound Elite Gen 2 चिप इन्हें कान में बैठा एक छोटा AI असिस्टेंट बना रहा है, जिसमें कैमरा भी लग सकता है। कंपनी ने यह चिप 23 सितंबर 2026 को Snapdragon Summit में, Maui, Hawaii में पेश किया।
Maui में क्या हुआ और नया है क्या
Qualcomm ने Snapdragon Sound Elite Gen 2 नाम का नया ऑडियो प्लेटफॉर्म दिखाया, जो 2023 के पुराने Snapdragon Sound S7 Gen 1 की जगह लेगा। यह AI एजेंट्स के दौर के लिए बनाया गया चिप है, जहां डिवाइस सिर्फ आवाज़ नहीं सुनते, बल्कि आसपास का संदर्भ समझकर खुद फैसला भी लेते हैं।
Qualcomm में XR, Wearables और Personal AI के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ज़ियाद असगर के अनुसार, कंपनी के अपने सर्वे में करीब 70% यूज़र्स अपने वियरेबल डिवाइस में एडवांस्ड AI फीचर चाहते हैं। यही मांग इस नए चिप के पीछे की वजह बताई जा रही है।
उसी इवेंट में Qualcomm के CEO क्रिस्टियानो अमन ने यह भी साफ किया कि फोन अभी भी पर्सनल AI के केंद्र में रहेगा। उनके मुताबिक इयरबड्स और चश्मे जैसे नए डिवाइस फोन की जगह नहीं लेंगे, बल्कि उसके साथ मिलकर काम करेंगे।
कैमरा वाले इयरबड्स: फोटो के लिए नहीं, समझने के लिए
ऑडियो ब्रांड Cleer ने इसी चिप पर बना एक कॉन्सेप्ट डिवाइस Snapdragon Summit में दिखाया — कैमरा और AI वाले इयरबड्स, जिन्हें 'camera buds' कहा जा रहा है। Qualcomm के अनुसार यह कैमरा तस्वीर नहीं खींचता, बल्कि AI को यह समझने में मदद करता है कि आप कहां हैं और क्या देख रहे हैं — कुछ-कुछ स्मार्ट ग्लासेज़ जैसा काम, बस बिना शीशे के।
सोचिए आप किसी नए शहर में किसी दुकान के बाहर खड़े हैं और वहां लगा साइनबोर्ड पढ़ नहीं पा रहे। कान में लगा डिवाइस कैमरे से वह टेक्स्ट 'देखकर' फोन निकाले बिना आपको तुरंत बता दे — फिलहाल यह सिर्फ एक संभावना है, कोई ऐसा प्रोडक्ट अभी बाज़ार में नहीं है।
यह चिप सिर्फ कैमरा इयरबड्स तक सीमित नहीं। Qualcomm के मुताबिक इसे इन डिवाइसों में इस्तेमाल किया जा सकता है:
- पारंपरिक ट्रू वायरलेस इयरबड्स
- ओवर-ईयर हेडफोन
- ओपन-ईयर और हाइब्रिड ऑडियो डिज़ाइन
- ऑडियो ग्लासेज़
- हियरिंग वेलनेस डिवाइस
- कैमरा-लैस 'camera buds'
चिप के अंदर: पहले जैसी बात नहीं रही
Qualcomm के अनुसार, नया चिप पुराने Sound S7 Gen 1 (2023) के मुकाबले हर मोर्चे पर आगे है। ये आंकड़े कंपनी के अपने दावे हैं, अभी किसी स्वतंत्र लैब टेस्ट से इनकी पुष्टि नहीं हुई है।
| फीचर | Sound S7 Gen 1 (2023) | Sound Elite Gen 2 (2026) |
|---|---|---|
| ऑन-डिवाइस AI क्षमता | बेसलाइन | करीब 2 गुना ज़्यादा |
| पावर खपत | बेसलाइन | 40% तक कम |
| चिप का साइज़ | बेसलाइन | 30% तक छोटा |
| Wi-Fi कनेक्टिविटी | नहीं थी | माइक्रो-पावर Wi-Fi 6E, फोन के बिना सीधा क्लाउड कनेक्शन |
| नॉइज़ कैंसलेशन (ANC) | पुराना सिस्टम | 5वीं पीढ़ी का Adaptive ANC |
ऑडियो क्वालिटी के लिए यह अब भी Qualcomm aptX Lossless को सपोर्ट करता है, यानी 24-बिट/96kHz तक का हाई-रेस साउंड। चिप डिज़ाइन में AI की भूमिका बढ़ने के साथ ऐसे छोटे, ज़्यादा सक्षम चिप अब आम होते जा रहे हैं।
भारत के हियरेबल बाज़ार पर मतलब
IDC की India Monthly Wearable Device Tracker रिपोर्ट (8 सितंबर 2026) के अनुसार, भारत का वियरेबल बाज़ार Q2 2026 में सालाना आधार पर 7.4% घटकर 2.47 करोड़ यूनिट रह गया, जबकि औसत बिक्री कीमत (ASP) 8.8% बढ़कर करीब 21 डॉलर पहुंच गई। यानी डिवाइस कम बिके, पर महंगे बिके। पहली छमाही (H1) 2026 में बाज़ार 4.4% घटकर 4.94 करोड़ यूनिट रहा।
boAt की हिस्सेदारी इस दौरान 28% से बढ़कर 29.2% हुई, और अकेले ईयरवियर सेगमेंट में उसकी हिस्सेदारी 34.7% है। IDC के अनुसार, कैमरा वाले इयरबड्स, रियल-टाइम हेल्थ मॉनिटरिंग और कॉन्टेक्स्ट-अवेयर AI जैसी नई चीज़ें आगे चलकर TWS सेगमेंट को नई दिशा दे सकती हैं।
भारतीय ब्रांड पहले से Qualcomm, Dolby और Dirac जैसी कंपनियों की ऑडियो तकनीक अपने TWS प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल करते आए हैं, इसलिए नया Sound Elite Gen 2 चिप कुछ महीनों में प्रीमियम भारतीय मॉडल तक पहुंच सकता है — हालांकि अभी किसी भारतीय ब्रांड ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
मूल्य के हिसाब से भी तस्वीर बड़ी है: एक बाज़ार अनुमान के अनुसार भारत का वियरेबल टेक्नोलॉजी बाज़ार 2026 में करीब 8,775 मिलियन डॉलर का है और 2031 तक करीब 25,989 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, यानी सालाना करीब 19.8% की दर से बढ़ोतरी। मतलब यूनिट भले घट रही हों, कुल बाज़ार का आकार बढ़ने का अनुमान है।
गोपनीयता का सवाल भारत में क्यों बड़ा है
कान में लगा कैमरा लगातार आसपास का माहौल 'देखता' रहेगा, भले ही उससे फोटो न बने। भारत में 2023 का डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (DPDP Act) ऐसे किसी भी डिवाइस पर लागू होगा जो लोगों का डेटा इकट्ठा करता है, और डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड इसकी निगरानी करेगा।
यूरोप में मेटा के स्मार्ट ग्लासेज़ को लेकर पहले ही गोपनीयता पर सवाल उठ चुके हैं, कैमरा वाले इयरबड्स को भी वैसी ही जांच का सामना करना पड़ सकता है।
हमारा अंदाज़ा है कि भारत जैसे बाज़ार में, जहां स्मार्टफोन कैमरे को लेकर भी अक्सर शिकायतें आती हैं, बिना दिखने वाले कैमरे वाले डिवाइस को अपनाने में शुरुआत में लोग झिझकेंगे — खासकर दफ्तर, अस्पताल और भीड़भाड़ वाली जगहों पर।
जो अभी साफ नहीं
Cleer का डिवाइस अभी सिर्फ एक कॉन्सेप्ट है — न कीमत तय है, न रिलीज़ की तारीख। Qualcomm ने यह भी नहीं बताया कि कौन-कौन से ब्रांड इस साल के अंत तक असली प्रोडक्ट लॉन्च करेंगे। कैमरा और Wi-Fi 6E लगातार चालू रहने से बैटरी लाइफ पर कितना असर पड़ता है, इसका कोई स्वतंत्र आंकड़ा भी अभी सामने नहीं आया है।
यह भी साफ नहीं कि कैमरा वाले इयरबड्स भारत में किस कीमत पर बिकेंगे। भारतीय खरीदार कीमत को लेकर बेहद संवेदनशील रहे हैं, और boAt जैसे ब्रांडों की सफलता की बड़ी वजह भी यही रही है कि उन्होंने प्रीमियम फीचर सस्ती कीमत पर दिए। कैमरा जैसा नया, महंगा हार्डवेयर इस मॉडल में कैसे फिट होगा, यह देखना बाकी है।
आगे किन बातों पर नज़र रहे
- नए चिप पर बने असली प्रोडक्ट — रिपोर्ट्स के मुताबिक Sennheiser जैसे ब्रांड अगले साल तक कुछ ला सकते हैं
- Qualcomm का नया Snapdragon Sound Apps & Agents सॉफ्टवेयर फ्रेमवर्क, जिसके शुरुआती साझेदारों में Cleer, Cinemo, Qobuz और Roon शामिल हैं
- भारत में किसी ब्रांड की पहली आधिकारिक घोषणा — अभी तक कोई तारीख तय नहीं
फिलहाल यह सिर्फ एक चिप है, कोई प्रोडक्ट अभी दुकान में नहीं दिखेगा। असली इम्तिहान तब होगा जब पहला कैमरा-इयरबड कीमत के साथ बाज़ार में आएगा, और लोग तय करेंगे कि वे अपने कान में AI की एक 'आंख' लगाना चाहते हैं या नहीं।
स्रोत: 9to5Google, HotHardware, IDC, Android Central, ITdaily